Saturday, 14 November 2020

कितना_जरुरी_है_लक्ष्य_बनाना

 


 कितना_जरुरी_है_लक्ष्य_बनाना 


एक बार एक आदमी सड़क पर सुबह सुबह दौड़ (Jogging) लगा रहा था, अचानक एक चौराहे पर जाकर वो रुक गया उस चौराहे पे चार सड़कें थीं जो अलग-अलग रास्ते पे जाती थीं। एक बूढ़े व्यक्ति से उस आदमी ने पूछा – सर ये रास्ता कहाँ जाता है ? तो बूढ़े व्यक्ति ने पूछा- आपको कहाँ जाना है? आदमी – पता नहीं,

 बूढ़ा व्यक्ति – तो कोई भी रास्ता चुन लो क्या फर्क पड़ता है । वो आदमी उसकी बात को सुनकर निःशब्द सा रह गया, कितनी सच्चाई छिपी थी उस बूढ़े व्यक्ति की बातों में। सही ही तो कहा जब हमारी कोई मंजिल ही नहीं है तो जीवन भर भटकते ही रहना है।


✶ जीवन में बिना लक्ष्य के काम करने वाले लोग हमेशा सफलता से दूर रह जाते हैं जबकि सच तो ये है कि इस तरह के लोग कभी सोचते ही नहीं कि उन्हें क्या करना है? हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में किये गए सर्वे की मानें तो जो छात्र अपना लक्ष्य बना कर चलते हैं वो बहुत जल्दी अपनी मंजिल को प्राप्त कर लेते हैं क्यूंकि उनकी उन्हें पता है कि उन्हें किस रास्ते पर जाना है।


✶ अगर सफलता एक पौधा है तो लक्ष्य ऑक्सीजन है, आज हम इस पोस्ट में बात करेंगे कि लक्ष्य कितना महत्वपूर्ण है? कितना जरुरी है लक्ष्य बनाना ?


1.➨  लक्ष्य एकाग्र बनाता है – अगर हमने अपने लक्ष्य का निर्धारण कर लिया है तो हमारा दिमाग दूसरी बातों में नहीं भटकेगा क्यूंकि हमें पता है कि हमें किस रास्ते पर जाना है? सोचिये अगर आपको धनुष बाण दे दिया जाये और आपको कोई लक्ष्य ना बताया जाये कि तीर कहाँ चलना है तो आप क्या करेंगे, कुछ नहीं तो बिना लक्ष्य के किया हुआ काम व्यर्थ ही रहता है। कभी देखा है की एक कांच का टुकड़ा धूप में किस तरह कागज को जला देता है वो एकाग्रता से ही सम्भव है।


2.➨  आपकी प्रगति का मापक है लक्ष्य- सोचिये की आपको एक 500 पेज की किताब लिखनी है, अब आप रोज कुछ पेज लिखते हैं तो आपको पता होता है कि मैं कितने पेज लिख चूका हूँ या कितने पेज लिखने बाकि हैं। इसी तरह लक्ष्य बनाकर आप अपनी प्रगति (Progress) को माप (measure) सकते हैं और आप जान पाएंगे कि आप अपनी मंजिल के कितने करीब पहुंच चुके हैं। बिना लक्ष्य के नाही आप ये जान पाएंगे कि आपने कितना progress किया है और नाही ये जान पाएंगे कि आप मंजिल से कितनी दूर हैं?


3.➨  लक्ष्य अविचलित रखेगा- लक्ष्य बनाने से हम मानसिक रूप से बंध से जाते हैं जिसकी वजह से हम फालतू की चीज़ों पर ध्यान नहीं देते और पूरा समय अपने काम को देते हैं। सोचिये आपका कोई मित्र विदेश से जा रहा हो और वो 9:00 PM पे आपसे मिलने आ रहा हो और आप 8 :30 PM पे अपने ऑफिस से निकले और अगर स्टेशन जाने में 25 -30 मिनट लगते हों तो आप जल्दी से स्टेशन की तरफ जायेंगे सोचिये क्या आप रास्ते में कहीं किसी काम के लिए रुकेंगे? नहीं, क्यूंकि आपको पता है कि मुझे अपनी मंजिल पे जाने में कितना समय लगेगा। तो लक्ष्य बनाने से आपकी सोच पूरी तरह निर्धारित हो जाएगी और आप भटकेंगे नहीं।


4.➨ लक्ष्य आपको प्रेरित करेगा – जब भी कोई व्यक्ति सफल होता हैं, अपनी मंजिल को पाता है तो एक लक्ष्य ही होता है जो उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। आपका लक्ष्य आपका सपना आपको उमंग और ऊर्जा से भरपूर रखता है।


तो मित्रों बिना लक्ष्य के आप कितनी भी मेहनत कर लो सब व्यर्थ ही रहेगा जब आप अपनी पूरी energy किसी एक point एक लक्ष्य पर लगाओगे तो निश्चय ही सफलता आपके कदम चूमेगी।

Thursday, 12 November 2020

आखिर क्यों करते हैं हम ऐसा की सफलता दूर होती चली जाती है? ?

 * सफलता एक कदम दूर क्यों होती चली जाती है हमसे? 

1 क्यों हम एक किताब 10 बार पढ़ने की बजाय 10 तरह की किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं ! 

Ex . - सिविल सेवा की तैयारी करने वाला छात्र अपने घर को लाइब्रेरी बनाकर बैठ जाता है ... सफलता बहुत सी किताबें पढ़ने से नहीं बल्कि एक किताब को बहुत बार पढ़ने से मिलती है 


2. आखिर क्यों हम सीखने के समय में सीखने की बजाय सिखाना ज्यादा पसंद करते हैं ! 

Ex . - हर रोज प्रतियोगी छात्र फरमान जारी करते हैं ...मैं आईएएस की तैयारी के लिए ग्रुप बना रहा हूँ ... अपना no .कमेंट बॉक्स में लिखिए ......" मेरे प्यारे भाई इस समय आपका एक एक सेकंड अमूल्य है ...कृपया पहले आप बन जाइये फिर और ज्यादा ऊर्जा और संसाधनों के साथ आप सबकी मदद कर पाएंगे "


3. आखिर क्यों हम एक ही मार्गदर्शक पर यकीन नहीं रख पाते हर रोज नए मार्गदर्शक की खोज में लगे रहते हैं ...सभी का अपना एक अलग तरीका होता है ...और उस चक्कर में आपकी अपनी तैयारी कभी पटरी में आ ही नहीं पाती ...हमेशा नयी शुरुआत करते रह जाते हैं ! 


4. आखिर क्यों हमारे लिए अपनी जीत से ज्यादा दूसरे की हार मायने रखती है ! 

Ex. - " मैं तो कम से कम मुख्य परीक्षा तक पहुँच गया था उसको देखो वो तो प्रारंभिक परीक्षा भी नहीं पास कर पाया .""...और इसके साथ ही आप खुद को तसल्ली दे देते हो ...पर आपको कौन सा मुख्य परीक्षा पास करने का प्रमाण पत्र मिल गया ...ये भी बता दीजिये ! 


5.  आखिर क्यों हम सब सपने तो हमेशा बड़े देखते हैं लेकिन मात्र 10 प्रतिशत लोग ही उसकी कीमत चुकाने को तैयार होते हैं ! 

Ex . - बनना तो कलेक्टर ही है पर 8 घंटे सोना नहीं छोड़ सकते ....और न ही 8 घंटे पढ़ने में मन लग सकता ...तो भाई इंतजार करो शायद कोई बाबा किसी घुंटी का अविष्कार कर दे ...जो आपको सीधे मसूरी भेज दे 


6. आखिर क्यों हम हर काम या नयी शुरुआत को कल पर टाल देते हैं ....और वो भी इतने यकीन के साथ जैसे हम कल का दिन देखने ही वाले हों ! 


7. आखिर क्यों हम अपनी नाकामी का सेहरा हमेशा दूसरों के सर पर मढ़ देते हैं ..... असल में उनका हम कुछ नहीं बिगाड़ते ...अपने साथ ही सबसे बड़ा धोखा करते हैं .!! 


8. आखिर क्यों अपने ही मष्तिष्क पर हमारा नियंत्रण नहीं रह पाता....हम जानते हैं कि इस समय ये चीजें हमारे लिए बुरी हैं पर फिर भी हम कर डालते हैं ...और बाद में खुद को समझा देते हैं कि आगे से ऐसा नहीं होगा और फिर अगली बार होता है ...और फिर से आप यही लाइन दोहरा लेते हैं ! 


9. आखिर क्यों हम अपने समय की कीमत नहीं समझ पाते और उसे यूँ बर्बाद करते हैं जैसे ऊपर वाले के साथ 500 साल का एग्रीमेंट करके आये हो .....जरा सोच लो अगर अगले ही पल आपके सामने मौत खड़ी हो ..तो क्या छोड़ कर जा रहे हो यहाँ जिससे लोग आपको याद रखें .."" कुछ नहीं किया अब तक मेरे भाई ..मत सोच इतना "" ? 


10. आखिर क्यों हम हम हर दिन कुछ नया पढ़ते हैं ..." .जैसे फेसबुक में में ही कोई नया मोटिवेशनल थॉट ही लेलो " .......और उसके नीचे " wavvv " का कमेंट भी कर देते हैं .... जरा सोचो कि कितनी बार अपने ऐसा किया ? ...शायद सैकड़ों बार .....पर उसमें से कितनी लाइन्स को खुद की जिंदगी पर लागू किया ..? ..अगर एक लाइन भी लागू कर देते मेरे भाई तो आपकी जिंदगी उसी वक़्त बदल जाती ....!!

 अपने सपनों का पीछा करो🙏🙏

Tuesday, 13 October 2020

जीवन में सच्ची खुशी Happy Diwali🕯


जीवन में सच्ची खुशी पानी है तो एक लक्ष्य बनाइये, और उस लक्ष्य की प्राप्ति में रात दिन एक कर दीजिए। दिल-दिमाग का किसी एक काम में लग जाना एक वरदान है, जो बहुत कम लोगों को नसीब होता है।


सुख-दुख, राग, द्वेष, लज्जा, जीत, हार ये सब state of mind हैं,आपके मन का भ्रम। आप चाहें तो इन सारे emotions से affected हुए बिना अपना जीवन जी सकते हैं, बड़े आराम से।


आप परोपकार करें या ना करें, स्वयं के लिए जियें, या समाज के लिए जियें, इससे कुछ फर्क नही पड़ता। बस आपको इतना ध्यान रखना है कि आप किसी पर बोझ ना बने।


दूसरे क्या कहेंगे, क्या सोचेंगे, ये सोचने में अपना वक़्त बिल्कुल ना बर्बाद करें। दूसरे लोग खुद के जीवन में इतना उलझे हुए हैं कि उनको आपके बारे में सोचने की फुरसत नहीं।


स्वयं को स्वस्थ रखना एक ऐसी चुनौती है, जिसको आपको सहर्ष स्वीकार करना चाहिए।


या तो आप खुद के boss बनिये, नही तो आपको किसी दूसरे का ग़ुलाम बनना पड़ेगा।


कम से कम 4–5 source of income रखिये। किसी एक source पर dependant होना अनिश्चिता को बढ़ावा देना है।

Wednesday, 7 October 2020

अचलता अपनाओ सफलता पाओ

 अचलता अपनाओ सफलता पाओ


कुछ भी हो जाये लेकिन, आंसू नहीं बहाना

दुखी को ही दुखी करता, बेदर्दी ये जमाना


आये जो कोई गम तो, हंसी में उसे उड़ा दे

सारे जहाँ में तूँ गम को, एक मजाक बना दे


गम की ये औकात नहीं, जो तुझको रुलाये

तेरे मुस्कुराते हुए चेहरे को, उदास कर जाए


ईश्वर है तेरा साथी, जरा उसको पहचान ले

सदा निभाता साथ तेरा, बात जरा ये मान ले


हर मुश्किल का तूँ, हिम्मत से मुकाबला कर

मन से भय समाप्त कर, बन जा पूरा निडर


कोई नहीं तेरे जैसा, इस दुनिया में बलवान

अपनी ताकत को तूँ, जरा गौर से पहचान


मिटा डाल अपने मन से, कमजोरियाँ सारी

हिम्मत रखेगा तो, जीत लेगा ये दुनिया सारी


अपने इरादों में जगा, अंगद समान अचलता

तभी मिलेगी तुझको, तेरे लक्ष्य में सफलता


चलता जा पथ पर, खुद को मजबूत बनाकर

झुक जाएगी सफलता, तेरे कदमों में आकर

Sunday, 7 June 2020

Exam me Top Kese kare ?एग्जाम में बहुत डर लगता है ?

📝प्रश्न❓

एग्जाम में बहुत डर लगता है और हमेशा डर रहता कही भूल न जाऊँ या फ़ैल न हो जाऊँ, कैसे कॉन्फिडेंस लाऊँ की मेरा पेपर अच्छा जाये। कैसे पॉजिटिव सोचूँ 😰😰❓❓

एग्जाम के समय में मुझे ये भी बताये क्या visualise करू ,क्या अभ्यास  करू
ताकि मेरा सेल्फ एस्टीम बढ़े , कॉन्फिडेंस बढ़े😊😊❓

✍उत्तर📩✨

जीवन में हमेशा ध्यान रखे डर के आगे  जीत है। हमें जब हर परिस्थिति को cross करना ही है तो डर कर क्यों हँसी ख़ुशी से करे।
डर और भय से होगा क्या ,कार्य में सफलता भी नही और जब तक डरे तब तक मानसिक स्थिति भी ख़राब रहे।

जैसे की हम जानते है की हम परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे तो ही हमे बेहद ख़ुशी होगी

तो क्या तब तक हम डर में जिए❗
इंतजार क्यों 
जब हम कोई कार्य ख़ुशी और आत्मविश्वास के साथ करते है तो सफलता भी निश्चित मिलती है।

लेकिन असली मनुष्य तो उसे कहा जाता है जो हार कर भी हार न माने।

एक वास्तविक बात आपको बताते हैं , पढ़ाई का महत्व है लेकिन इतना भी नही की हम डरे और परेशान हो।

डर 😧का कारण- 

💬एग्जाम में उन्हें ही डर लगता है जिनकी तैयारी अच्छी तरह नही हुई है।यही सत्य है।जिन्होंने पढ़ाई ही पास मार्क्स के हिसाब से की है ।उनका विश्वास हिलना स्वाभाविक है।क्योंकि अंतरआत्मा सब जानती है।जब ज्यादा याद किया ही नहीं है तो फेल होने का डर जरुर होगा । जिन्होंने 100% लाने के हिसाब से तैयारी की है उन्हें डर क्यों लगेगा ।
तो कॉन्फिडेंस लाने के कुछ उपाय आपको भेज रहे।

🗝 उपाय 
निर्भयता हमारे व्यक्तित्व की पहचान है l जहाँ निर्भयता है वहाँ आत्मविश्वास और आत्मबल स्वतः ही होता है l हमें निडर बनने के लिए कुछ अभ्यास और उपाय करने होंगे- 

🎖1. एग्जाम कि तैयारी अच्छी तरह से तो करना ही होगा। वरना आप जितना पॉजिटिव सोचे डर नही भागने वाला। पॉजिटिव सोच तभी काम करता है। जब कर्म किया हुआ हो। कर्म नही कर फल के लिए इच्छा रखना और पॉजिटिव सोचना जैसे बीज बोया नही और पेड़ उगने की बात सोच रहे हो। आप ही बताइये हो सकता है? तो कॉन्फिडेंस तभी ला सकते है जब आपने पूरे साल पढाई करी हो।  तो सीधे सीधे यही कहना चाहता हूँ कि कर्म कर हुनर सीख बंदे 
फल की इच्छा से मुक्त हो जाओ और अपना बेस्ट दो।

🎖2.अपनी स्टडी के लिए टाइम टेबल बनाएं प्लानिंग करें और उसे स्ट्रिक्टली फॉलो करें अगर आप ठीक हैं किसी सब्जेक्ट में तो आप अपने टीचर फ्रेंड या पेरेंट्स से हेल्प ले सकते हैं hesitate ना करें कोर्स को रिवाइज करें दो बार और आपको पता है प्रेक्टिस मेक ए मन परफेक्ट रिविजन से आपको कॉन्फिडेंस आएगा आप स्वयं को रिमाइंड करें आप बेस्ट हैं आपको पता है की बेस्ट कैसे देना है।

🎖3.नेगेटिव संकल्पो की चेन ना बने इसे रोकने का एक ही तरीका है कि जब कोई नेगेटिव थॉट आये उसी समय उस पर अटेंशन दे कर उसकी दिशा को मोड़ दे और पॉजिटिव चिंतन शुरु कर दे, ज्ञान में अगर चल रहे हो तो ये स्वमान का अभ्यास निरंतर करें जैसे मैं मास्टर सर्वशक्तिवान आत्मा हूँ ।स्वयं परम पिता परमात्मा मेरे साथ हैं।मैं विघ्न विनाशक हूँ । मेरे सामने कोई विघ्न कभी ठहर ही नही सकता । ये तो हद की पढ़ाई है मै तो अब बेहद की ऊंच पढाई भी पढ रहा हू।मेरे अच्छे मार्क्स आएँगे और मैं सफल होंगा । ये थॉट देने के साथ साथ positive vision बनाये कि आप examination hall में है और जैसे ही आपके सामने पेपर आता है । उस पेपर में आया हुआ  हर question आपको बहुत अच्छी तरह से आता है । वो सारे question बहुत आसानी से solve कर रहे हो । खाली समय में खुद को कोई ना कोई positive thoughts देते रहो ।

🎖4. हमेशा सकारात्मक सोचिए ना केवल स्वयं के बारे में मगर आप के आस पास जितने भी लोग हैं उनके बारे में भी तो जैसे हम थॉट्स क्रिएट करेंगे वैसी हमारी डेस्टिनी बनेगी यह यूनिवर्स का लॉ है तो उसके मुताबिक इसे आप डेली रूटीन बना दीजिए नेगेटिव सोच और नो कॉन्फिडेंस यह सब नेगेटिव एनर्जी है जो आपकी एनर्जी लेवल को डिप्लीट करती है मेडिटेशन के दौरान आपको स्वयं को चार्ज करना होगा पावरफुल एनर्जी भगवान से ले और पावरफुल थॉट बोले स्वयं से मैं आत्मा मास्टर सर्वशक्तिमान हूं , सफलता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है, मैं श्रेष्ठ आत्मा हूं , मैं बुद्धिमान हूँ, मुझे किसी भी प्रकार का डर हो नहीं सकता , मैं एक निर्भय आत्मा हूँ , मैं हर तरह से सफल होंगा, सफलता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है, हां मैं सब कुछ कर सकती हूं कुछ भी मेरे लिए इंपॉसिबल नहीं है।

दृश्य बनाए अपने आपको विद्यार्थी के परिवेश में देखे l  मैं गाडली स्टुडेंट हूँ  l स्वयं परमात्मा मेरे शिक्षक है l वे मुझे पढ़ा रहे हैं l मेरा मार्गदर्शन कर रहे हैं l अब मुझे सब समझ में आ गया है और सब याद हो गया है l 

🎖5.हमारा संकल्प  (थॉट्स) ही हमें नीचे ले आते हैं। नहीं मैं नहीं कर सकता , मेरे बस में नहीं है, आप अपना ये लक्ष्य बना ले मुझे ये करना ही है।

सकारात्मक संकल्प द्वारा शांत कर लो अपने मन को।

जब एक बार सोच लिया मुझे ये करना है तो yes मुझे ये करना ही है। मैं करके ही छोडूंगा।
जब आप बार बार ये संकल्प करेंगे। मुझे ये करना है सफल होना ही है ,तो ये confusion वाली stage भी खत्म होगी।

रोज सवेरे 🌅उठते ही एकान्त मैं बैठकर इसे 7 बार दोहराएँ  और सोते समय भी अपने अंतर्मन को दे तब तक दे जब तक आपकी परीक्षा समाप्त होती है l

इससे आपके मन से डर निकल जायेगा और डर के कारण आप जो भूल जाते थे वह स्थिति अब नहीं रहेगी l

🎖6. आप जो प्रश्न याद करना चाहते हैं उन्हें चुन लिजिए l और जितने प्रतिशत से पास होना चाहते है वह भी एकान्त में धैर्य से सोच लिजिए l दृश्य बनाए, इमर्ज करें और ध्यान से देखें मैंने जो प्रश्न याद किए हैं परीक्षा में वही प्रश्न आये हैं और मैं बहुत सुन्दर लिखावट में उत्तर लिख आया हूँ l  ( अब अपने सामने मार्कशीट इमर्ज करे और उसमें ध्यान से देखिए अंकों को ) मैं 95% अंकों से या जो भी आवे लक्ष्य लिया है, पास हो चुका हूँ lआपके रिजल्ट आने तक इसे अपने अंतर्मन को दे l

🎖7.हमारा मन जितना शांत होगा बुद्धि की कार्यशक्ति उतनी बढ़ेगी । यदि हम ज्यादा डरेंगे भयभीत और nervous होगे तो हम सबकुछ भूल जायेगे ।Exam को एक सुन्दर रंगमन्च समझे क्योकि वहाँ हमे अपनी intelligence को दिखाना है इसलिये वहाँ घबराकर न जाये exam hall मे पूरे confidence  से जाये कि जो हमने पढ़ा है वो सब हमारे brain मे save है और अपना एग्जाम अच्छे से करेंगे और रिजल्ट बहुत अच्छा होगा इन विचारो से मन के डर को खत्म कर दो |

🎖8.Exam से पहले रात को अच्छी निन्द ले क्योकि इससे हमारा brain अच्छा काम करेगा नही तो थकावट होने से हम भूल सकते है इसलिये कम से कम 6घन्टे की नींद अवश्य लें।

🎖9. ऐसा नहीं है की अगर आप पढाई में कमज़ोर हैं तो ज़िन्दगी में आप कुछ सफलता हासिल नहीं कर पाएंगे। आपमें अन्य भी बहुत टैलेंट होंगे। कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने सफलता हासिल की क्योंकि वे पढ़ाई में नहीं तो अन्य तरह से होशियार थे।
दो दोस्त थे जिन्होंने 8th तक पड़कर छोड़ दिया क्योकि उन्हें इंट्रेस्ट नही था।

उनके अंदर दूसरी कलाएं विद्यमान थी उनके अंदर हमेशा यही रहता था कि मुझे आगे बढ़ना है।

आज अगर उन्होंके दिमाग को अगर हम देखें तो वो highly educated MBA पड़े लिखे का भी दिमाग उतना नही जितना उन्हों का है।

इसलिये निर्भय और निश्चिन्त होकर पड़े कभी जीवन में हमारे लिये कोई द्वार बन्द हो जाते है तो निराश न हो 10 दिशाये है सफलता के।जो हमारे इंतजार में खुले पड़े है

कितना_जरुरी_है_लक्ष्य_बनाना

   कितना_जरुरी_है_लक्ष्य_बनाना  एक बार एक आदमी सड़क पर सुबह सुबह दौड़ (Jogging) लगा रहा था, अचानक एक चौराहे पर जाकर वो रुक गया उस चौराहे पे चा...