Friday, 24 June 2016

मुश्किलों में अवसर | Motivation Story In Hindi

मुश्किलों में अवसर | Motivation Story In Hindi

एक दिन किसी किसान का गधा कुए में गिर जाता है| तभी सभी जानवर दयालुता की भावना से रोने लगे जबकि किसान ये सोच रहा था की अब क्या किया जाए| अंततः, उसने निर्णय किया की वह जानवर बहोत बुढा हो गया है, और वैसे भी उसे उस कुए को भरकर बंद करना है, इसलिए उस गधे को कुए से निकलने में कोई फायदा नहीं|
उसने अपने आस-पास के सभी पड़ोसियों को उसकी सहायता के लिए बुलाया| तभी सभी ने खोदना शुरू किया और मिटटी उस कुए में डालने लगे| जब गधे को पता चला की उसके साथ ये सब हो रहा है तो वह रोने लगा| तभी सभी को आश्चर्य हुआ की वह गधा अचानक निचे जा रहा था| बाद में थोड़ी और मिटटी उस कुए में डाली गयी, अंत में उस किसान ने कुए में देखा| और जब उसने कुए में देखा तो वह आश्चर्यचकित रह गया| उसने देखा की सारी मिटटी जो कुए में डाली जा रही थी वह उस गधे के पीछे गिर रही थी, और वह गधा कुछ अलग ही किये जा रहा था| वह जो मिटटी फेकी जाती उसे अपने शरीर से हटाकर एक-एक सीधी बनाये जा रहा था और एक-एक कदम आगे बढ़ता जा रहा था| जैसे-जैसे किसान के पडोसी उस गधे के उपर मिटटी डालते जाते वो उस मिटटी को अपने शरीर से हटाकर और उपर आने की कोशिश करता| ऐसा करते-करते सभी ये देखकर चकित रह गये की गधा उस कुए के उपर तक आ चूका था, और कुए से बाहर भी निकल गया था….

Moral 

दोस्तों, इसी तरह जीवन में भी आपके उपर मिटटी फेकी जाती है, जिसमे सभी प्रकार की मिटटी शामिल होती है (यहाँ पर मिटटी का अर्थ मुश्किलों से है). आपको हमेशा उन मुश्किलों को सुनहरे अवसरों में बदलने की कोशिश करनी चाहिये, तभी आप गधे की तरह एक-एक कदम आगे बढ़ते जाओगे. जीवन में एक-एक मुश्किल आपको सफलता के एक-एक कदम नजदीक ले जाएगी. हम जीवन में एक ही जगह पर रूककर किसी मुश्किल से हार मानकर कभी आगे नहीं बढ़ सकते, जीवन में मुश्किलों से डरने की बजाये उनका सामना कर के एक-एक कदम आगे बढ़ने की कोशिश करे|
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Hindi Motivational Story बच्चें की सीख |

बच्चें की सीख / Hindi Motivational Story

एक 9 साल का बच्चा आइस-क्रीम की दुकानं पर जाता है|

वेटर – तुम्हे क्या चाहिये?


छोटा बच्चा – मुझे आइस-क्रीम लेने के लिए कितने पैसे देने होंगे ?

वेटर – 15 रुपये/-

तभी उस छोटे बच्चे ने अपना पॉकेट चेक किया
और किसी छोटे कोण की कीमत पूछी?

तभी परेशान वेटर ने गुस्से में कहा – 12 रुपये/-

तभी लड़ने ने छोटा कोण देने को कहा, उसे लिया, बिल के पैसे दिए और वहा से चला गया|

और जब वेटर खाली प्लेट उठाने आया तब अचानक ही उसके आँखों से आसू आने लगे|

उस छोटे से बच्चे ने उस वेटर के लिए वहा 3 रुपये टिप के रूप में रखे थे|

“आपके पास जितना है उसमे से थोडा किसी और को देकर दूसरो को भी खुश करने की कोशिश कीजिये.”
यही जीवन ह|

इस प्रेरणादायक कहानी से सीख   Moral 

ऐसा नहीं है की उस छोटे बच्चे के पास 15 रुपये नहीं थे, उसके पास पार्यप्त पैसे होने के बाद भी उसने अपने लिए छोटा कोण लिया और 3 रुपये टिप देकर उस वेटर को खुश किया| जब हम जीवन में हमारे साथ-साथ हमारे आस पास के लोगो की ख़ुशी के बारे में भी सोचते है तभी हमारा जीवन सही मायने में जीवन कहलाने योग्य है| अपनी ख़ुशी के लिए तो हर कोई काम करता है लेकिन महान वही कहलाता है जो दुसरो की ख़ुशी के बारे में सोचता है|

Sunder puchai गूगल सीईओ सुन्दर पिचई ने बताई एक प्रेरणादायक कहानी

गूगल सीईओ सुन्दर पिचई ने बताई एक प्रेरक कहानी – Motivational Story In Hindi By Sundar Pichai

एक रेस्टोरेंट में कॉकरोच उड़कर आया और एक महिला पर बैठ गया. महिला कॉकरोच देखकर चिल्लाने लगी, वह डर चुकी थी. उसके चेहरे पर खौफ साफ़ दिखाई दे रहा था| कांपते हुए होठ के साथ अपने दोनों हातो की सहायता से कॉकरोच से पीछा छुड़ाना चाहती थी|

उसकी प्रतिक्रिया ऐसी थी कि उसके ग्रुप के बाकि लोग भी भयभीत हो गये|
उस महिला ने किसी तरह कॉकरोच को खुद से दूर किया लेकिन वो उड़ कर दूसरी महिला पर बैठ गया|
अब यह ड्रामा जारी रखने की बारी दूसरी महिला की थी|
उसे बचाने के लिए पास खड़ा वेटर आगे बढ़ा| तभी महिला ने कोशिश करते हुए कॉकरोच को भगाने की कोशिश की और वह सफल हुई, अब वह कॉकरोच उड़कर वेटर की शर्ट पर आकर बैठ गया|
लेकिन वेटर घबराने की बजाये शांत खड़ा रहा और कॉकरोच की हरकतों को अपने शर्ट पर देखता रहा|
जब कॉकरोच पूरी तरह शांत हो गया तो वेटर ने उसे अपनी उँगलियों से पकड़ा और उसे रेस्टोरेंट से बाहर फेंक दिया|
मैं कॉफ़ी पीते हुए ये मनोरंजक दृश्य देख रहा था तभी मेरे दीमाग में कुछ सवाल आये, क्या वह कॉकरोच इस घटना के लिए जिम्मेदार था ?
अगर हाँ, तो वह वेटर परेशान क्यों नही हुआ? उसने बिना कोई शोर-शराबा किये परफेक्शन के साथ उस स्थिति को संभाल लिया| ये वो कॉकरोच नही था बल्कि उन लोगों की परिस्थिती को संभालने की अक्षमता थी, जिसने उन महिलाओं को परेशान किया|
मैंने महसूस किया, यह मेरे पिता का या बॉस का या वाइफ का चिल्लाना नही है जो मुझे परेशान करता है, बल्कि यह मेरी अक्षमता है जो में लोगों द्वारा बनाई की गयी परिस्थितियों को संभाल नही सकता|
यह ट्रैफिक जाम नही है जो मुझे परेशान करता है बल्कि मेरी उस परेशानी भरी स्थिति को हैंडल ना कर पाने की अक्षमता है जिससे मैं ट्रैफिक जाम के वजह से परेशान हो जाता हूँ|
प्रॉब्लम से ज्यादा, मेरी उस प्रॉब्लम के प्रति प्रतिक्रिया है जो मेरे जीवन में परेशानी पैदा करती है|
इस कहानी का सबक : Moral From This Motivational Story In Hindi By Sundar Pichai :
इस घटना ने मेरे सोचने का तरीका बदल दिया, हमे अपने जीवन में कठिन समय में प्रतिक्रिया नही करनी चाहिए, बल्कि उसे समझकर उसका जवाब देना चाहिए| उस महिला ने प्रतिक्रिया व्यक्त की बल्कि वेटर ने उस परिस्थिती को समझा और उसका समाधान निकाला, प्रतिक्रिया हम बिना सोचे समझे दे देते हैं बल्कि जवाब हम सहज तरीके से सोच-समझ कर देते हैं|
जिंदगी को समझने का एक बहुत ही सुन्दर तरीका है| जो लोग खुश हैं वो इसलिए खुश नही हैं कि उनके जीवन में सबकुछ ठीक चल रहा है| बल्कि इसलिए खुश हैं कि उनका जीवन में सारी चीजों के प्रति दृष्टिकोण ठीक है|
इसीलिए जिंदगी में गुस्सा, जलन, जल्दबाजी और चिंता करने की प्याज प्यार करे और सब्र रखे|
क्योकि, “जो भी हुआ अच्छे के लिये हुआ और जो कुछ भी होगा वह भी अच्छे के लिये हो होंगा”

Thanks.

Wednesday, 22 June 2016

स्वस्थ त्वचा के लिए ब्यूटी टिप्स

स्वस्थ त्वचा के लिए ब्यूटी टिप्स


ब्यूटी एक्सपर्ट भारती तनेजा के अनुसार घर से बाहर निकलते समय सन स्क्रीन लोशन, कोई क्रीम लगानी चाहिए जो हम अधिकतर नहीं करते है। इसको घर से जाने से 10 मिनट पहले लगाना चाहिए। रोज रात को चेहरा साफ़ करके सोना चाहिए, वरना कुछ बीमारी या कुछ इन्फैशन का खतरा रहता है। बाल कभी भी साबुन से नहीं धोने चाहिए इसके लिए आपको शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए। अब वो आपकी स्किन पर है कि किस तरह कि स्किन है उसी हिसाब से शैम्पू लेना चाहिए। तीन दिनों में शैम्पू करना चाहिए, इसीलिए ज्यादा हार्ड शैम्पू उसे नहीं करना चाहिए।


चमकती त्वचा के लिए टॉप टिप्स

त्‍वचा को निखारने के कई तरीके हैं, लेकिन इनमें से बेहतर तरीका कौन सा है इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है। कुछ लोगों को त्‍वचा की देखभाल से संबंधित कुछ बातें पता होती हैं, लेकिन वे इनका पालन नहीं करते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी चीज है नींद, हर रोज कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। कुछ लोग 12 बजे सोकर 8 बजे उठते हैं और कुछ 1 बजे सोकर 9 बजे उठते वो तरीका बिलकुल ही गलत है। जल्‍दी सोकर जल्‍दी उठना चाहिए, कोशिश करें कि 10 बजे सोकर सुबह 5 बजे उठें। दूसरी चीज है खानपान, ब्रेकफास्‍ट 9 और 10 बजे के बीच न करें, इसलिए सुबह का नाश्‍ता 7 बजे तक, लंच 1 बजे तक और डिनर 7 से 8 बजे के बीच में कर लेना चाहिए। खाने के बाद 1 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए। नियमित व्‍यायाम बहुत जरूरी है, इससे जो भी हम खाते हैं वह आसानी से पच जाता है। बाहर का तला हुआ खाने से बचें। सुबह का नाश्‍ता बहुत हैवी और रात का खाना बहुत ही हल्‍का होना चाहिए। चमकती त्‍वचा के टॉप टिप्‍स के बारे में विस्‍तार से जानने के लिए ये वीडियो देखें।

चमकती त्वचा के लिए आहार

स्वस्थ और चमकदार त्वचा पाने की ख्वाहिश हर इंसान की होती है। वातावरण में प्रदूषण की वजह से काफी बदलाव आते हैं, लिहाज़ा, ऐसे वक़्त में अपनी त्वचा की अतिरिक्त देखभाल करनी चाहिए जिससे कि वो पहले जैसी नमी से भरपूर, स्वस्थ एवं निखरी हुई सी लगे। जब बात त्वचा की देखभाल और उसको चमकदार बनाने के तरीकों की आती है तो ज्यादातर लोग फेशियल और क्लीनिंग आदि ब्यूटी ट्रीटमेंट का रुख करते हैं। लेकिन, इसके अलावा भी एक ऐसी चीज है जो आपकी त्वचा पर काफी प्रभाव डालती है। आप कैसा आहार ले रहे हैं, इसका काफी असर आपकी त्वचा पर दिखता है। त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाए रखने के लिए आपको आपके आहार में कुछ खास विटामिन, प्रोटीन, ओमेगा 3 और 6 आदि की जरूरत होती है। इस वीडियो में हमारी आहार विशेषज्ञ प्रीति पुरी ग्रोवर बता रही हैं कि वो कौन से आहार हैं जिनका सेवन आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद साबित होगा।

त्‍वचा के लिए बुरी आदतें

घर से जाने से 10 मिनट पहले लगाना चाहिए। रोज रात को चेहरा साफ़ करके सोना चाहिए, वरना कुछ बीमारी या कुछ इन्फैशन का खतरा रहता है। बाल कभी भी साबुन से नहीं धोने चाहिए इसके लिए आपको शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए। अब वो आपकी स्किन पर है कि किस तरह कि स्किन है उसी हिसाब से शैम्पू लेना चाहिए।

त्‍वचा के लिए घरेलू स्‍क्रब

स्किन सुन्दर और मुलायम रखने के लिए स्किन को स्क्रब करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप घर पर भी स्क्रब बना सकते है इसके बारें में बता रही है हमारी ब्यूटी एक्सपर्ट भारती तनेजा। अरहड़ दाल, मूंग दाल, मसूर दाल और चना दाल इसको अच्छी तरह से पिस ले। फिर इसमें चन्दन पाउडर और मुल्तानी मिट्टी को मिक्स कर लेते है। ये स्क्रब आप अपने किचन में भी बना सकते है। रोजाना एक चम्मच पाउडर स्क्रब का इस्तेमाल कर सकती है। जिसकी स्किन ऑयली है वो इसमें ऑरेंज जूस भी डाल सकते है और जिसकी स्किन नॉर्मल है वो रोज वाटर का इस्तेमाल कर सकते है। देखे यह विडियो।

कोल्‍ड के लिए घरेलू उपाए

मौसम बदलने के साथ कोल्‍ड और फ्लू की समस्‍या बढ़ जाती है। कोल्‍ड में दवाओं का प्रयोग अनहेल्‍दी माना जाता है, इसलिए घरेलू नुस्‍खे इसमें बहुत कारगर माने जाते हैं। सबसे अधिक तरल पदार्थों का सेवन कीजिए, 8 आउंस के गिलास में नियमित 8 से 10 गिलास पानी पियें। स्‍पोर्ट्स ड्रिंक, हर्बल टी, फ्रूट ड्रिंक, जिंजर बीयर का सेवन कर सकते हैं। स्‍टीम लीजिए, इसके लिए उबलते हुए पानी के ऊपर सिर ले जाकर धीरे-धीरे सांस लीजिए। स्‍टीम के दौरान ध्‍यान रखें कहीं अधिक गर्मी से नाक न जल जाये। बेडरूम में हृयूमीडिफायर लगाकर भी राहत मिल सकती है। इसके अलावा दरवाजा बंद करके हॉट शॉवर से मिलने वाली नमी से भी कोल्‍ड में राहत मिलती है। नाक की सही तरीके से सफाई भी करें। इसके अलावा कोल्‍ड से राहत पाने के लिए दूसरे घरेलू नुस्‍खों के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो को देखें।

मुंहासों के लिए घरेलू नुस्खे

मुंहासों की समस्‍या आपको परेशान कर सकती है, इसके उपचार के लिए दवाओं की बजाय घरेलू नुस्‍खों का प्रयोग अधिक फायदेमंद होता है, क्‍योंकि इसका साइड-इफेक्‍ट नहीं होता। मुंहासों के लिए फ्रिज से कुछ अंगूर निकालकर ग्रैब करें, दो से तीन अंगूर को आधा काटकर अपने चेहरे और गले पर रगड़ें, कुछ देर बाद ठंडे पानी से धोकर साफ कर लें। खीरे का फेसपैक भी लगा सकते हैं, इसके लिए एक खीरा लें और उसे अच्छी तरह मसल दें। अब इसमें पानी और एक चम्मच चीनी डालकर अच्छी तरह मिक्स करें, चेहरे पर इसे अच्छी तरह लगाकर दस मिनट के लिए छोड़ दें, फिर इसे ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें। मुंहासों के लिए शहद का मास्‍क भी प्रयोग कर सकते हैं। शहद का मास्क चेहरे पर लगाने से पहले गुनगुने पानी से अपना चेहरा धो लें जिससे की चेहरे के रोम छिद्र खुल जाएंगे। इसके अलावा दूसरे घरेलू नुस्‍खों के बारे में जानने के लिए इस वीडियो को देखें।

साइनस के लिए घरेलू उपाय

साइनस की समस्‍या बहुत ही कष्‍टदायक होती है, इसके उपचार के लिए दवाओं की बजाय घरेलू नुस्‍खों को आजमान बेहतर है। इसके लिए सबसे पहले गर्म पानी से भाप लीजिए, इससे साइनस नम हो जाता है, भाप के दौरान गर्म पानी में कुछ बूंदें यूकेलिप्टस या पिपरमिंट तेल की भी डाल सकते हैं। शरीर को हाइड्रेड रखने से भी साइनस नम रहता है। पूरा दिन भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें, कॉफी और शराब के सेवन से बचें, क्यों कि यह डीहाइड्रेशन का कारण बनता है। अधिक मसाले खाएं, सरसों, काली मिर्च, करी, हर्स रेडिश और वसाबी खाने से भी साइनस साफ हो जाता है, ह्युमिडिफायर (वायु को नम रखनेवाला उपकरण) का उपयोग करें। इसके प्रयोग से हवा में नमी रहेगी जो साइनस की समस्या में राहत देगा। सेब का सिरका भी साइनस के उपचार में बहुत मददगार है। इसके सही तरीके से प्रयोग करने की विधि के बारे में विस्‍तार से जानने के लिए इस वीडियो को देखें।

मुहांसे से निजात पाने के घरेलू उपाय

मुंहासों की समस्‍या एक आम समस्‍या है जो कभी भी हो सकती है, अगर आपके घर में अगले दिन कोई कार्यक्रम है और चेहरे पर एक्‍ने निकल जाये तो यह एक बुरी स्थिति होती है। इस समस्‍या से निजात पाने वाले नुस्‍खे आप घर पर भी आजमा सकते हैं। सफेद टूथपेस्‍ट सबके घर में होता है, इसे मुहांसो पर लगाकर पूरी रात के लिए छोड़ दीजिए, इससे वह गायब हो जायेगा। लहसुन को लेकर इसका रस मुहांसों पर लगा दीजिए, इससे मुहांसे आसानी से दूर हो जायेंगे।

पिम्पल से बचने के लिए त्वचा का कैसे ध्यान रखें

पिंपल यानी मुहांसे एक समस्या् की तरह होते हैं, जो एक बार आते हैं लेकिन इनके दाग कई दिनों तक परेशान करते हैं। इसलिए लोग इससे बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन कुछ गलतफहमी के कारण यह कोशिश नाकामयाब होती है, क्योंककि पिंपल से बचाव के लिए अपनाये जाने वाले तरीके सही नहीं होते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि बार-बार फेसवॉश से चेहरा साफ करने से मुंहासों की समस्याी बिलकुल नहीं होगी तो भी वे गलत होते हैं। छोटे बच्चेश धूल-मिट्टी में खेलते हैं फिर भी उनको एक्नेो नहीं होता। इसका सबसे प्रमुख कारण ये है कि एक्ने उम्र होता है। यानी उम्र के एक पड़ाव पर आने के बाद पिंपल्सा निकलेंगे ही। इसलिए अगर बार-बार आप चेहरा धुलेंगे तो फायदा नहीं नुकसान होगा। इसके अलावा अधिक शुगर वाली चीजों का सेवन बिलकुल नहीं करना है। इसके अलावा बाहर का अधिक खाना खाने से बचें। इसके बारे में अधिक जाकारी के लिए ये वीडियो देखें।

बालों को बढ़ाने के लिए घरेलू नुस्‍खे

बाल अगर लंबे और घने हों तो खूबसूरती में चार चांद अपने आप लग जाता है। यानी लंबे बाल आपका आकर्षण बढ़ाते हैं। बालों को लंबे करने के लिए बाजार में मिलने वाले केमिकलयुक्‍त उत्‍पादों का प्रयोग करने की बजाय अगर घरेलू नुस्‍खों को आजमाया जाये तो बाल प्राकृतिक रूप से बढ़ते हैं और ये मजबूत भी बनते हैं। बालों के लिए घरेलू नुस्‍खे आजमाते वक्‍त सबसे पहले प्‍याज का रस लीजिए। इसके लिए प्‍याज को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिए, फिर इसका रस निकाल लीजिए। इस रस को बालों पर अच्‍छी तरह से लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दीजिए। फिर बालों को शैंपू से धो लें। सेब का सिरका भी बालों के लिए फायदेमंद है। बालों को धो लें, फिर एक कप गुनगुने पानी में सेब का सिरका मिलाकर इस पानी से बालों को धुलें। अंडे का मास्‍क भी बालों को बढ़ाने के लिए बहुत कारगर उपाय है। इस तरीके के दूसरे घरेलू नुस्‍खों के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो को देखें।

स्वस्थ बालों के लिए डाइट प्लान

सभी चाहते हैं कि उनके बाल घने और मजबूत हों, इनके लिए स्‍वस्‍थ खानपान का होना बहुत जरूरी है। इसके लिए ऑलिव ऑयल या ऑलमंड ऑयल से हेयर मसाज करें, इससे बालों को पोषण मिलता है। सिरका, शहद और नींबू लेकर मिला लें और इसे स्‍कैल्‍प पर लगायें, इससे बाल चमकदार और मजबूत होते हैं। केले को शहद के साथ मिक्‍स करके बालों में 10 मिनट तक लगा रहने दें, फिर शैंपू करें, इससे बाल सिल्‍की और नरम हो जायेंगे। सुबह के वक्‍त बनाना शेक पियें, शुगर फ्री या शहद को दूध के साथ प्रयोग करें साथ में बादाम भी डाल सकते हैं। आप इसमें अंडा भी डाल सकते हैं। मांसाहारी सैलमन मछली का सेवन करें, इसमें मौजूद सिल्‍क और सेलेनियम बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है। सूखा आलू बुखारा, अंजीर, अखरोट, बादाम जैसे नट्स का सेवन करने से बाल मजबूत होंगे और डैंड्रफ की समस्‍या भी नहीं होगी। इसके साथ एमीनो एसिड युक्‍त सोया पनीर और सोया मिल्‍क ले सकते हैं।

स्‍वस्‍थ हृदय के लिए आहार

एंडो वस्कुलर सर्जन, अथटेमिस के डॉक्टर हसन तेहरानी बता रहे हैं कि एक स्वस्थ दिल के लिए आपको किस प्रकार के आहार का सेवन करना चाहिए। डॉक्टर तेहरानी के मुताबिक आपको अधिक ट्रांस फैट और कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन से दूर रहना चाहिए। और आपको ऑलिव ऑयल और वनस्पति ऑयल में ही खाना पकाना चाहिए। आपको अपने आहार में सब्जियों और फलों को शामिल करना चाहिए।

दिल के लिए स्‍वस्‍थ आहार क्‍या है

दिल की सेहत के लिए उचित आहार लेना जरूरी है।आपको हृदय रोग न हो और अगर आपको हृदय रोग हो तो आप कैसा भोजन करें यह जानना बहुत जरूरी है। DASH इटिंग प्लान यानी डायरटी अप्रोचिज टू स्टॉप हायपरटेंशन इटिंग प्लान, भारतीय शाकाहारी भोजन आदि हृदय के लिए बहुत अच्छी है। अगर आपका वजन कम है तो आपका वजन कम है तो आप रोजाना 35 कैलोरी/किलो और अगर आपका वजन अधिक है तो 25 कैलोरी/किलो के हिसाब से भोजन करें। आपके आहार में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन , विटामिन और वसा का सही संतुलन जरूरी।

पतले बालों के लिए घरेलू उपचार

बाल अगर अधिक पतले हो जायें तो इनके कारण बाल झड़ने की संभावना अधिक रहती है। पतले बालों की समस्‍या को घरेलू नुस्‍खों से दूर किया जा सकता है। इसके लिए एक या दो अंडे लेकर उसे अच्‍छे से फेट लें, गीले बालों पर अंडा लगाकर इसे 30 मिनट तक के लिए छोड़ दें, गुनगुने पानी और शैम्पू की मदद से अपने बालों को धो लें, हफ्ते में एक से दो बार इस प्रोटीन ट्रीटमेंट का प्रयोग करें। इसके अलावा ऑलिव ऑयल भी इसमें मददगार है। गुनगुने तेल से अपने बालों और स्‍कैल्‍प की मसाज करें, कम से कम 30 से 45 मिनट के लिए इसे छोड़ दें, फिर एक माइल्‍ड शैम्पू का इस्‍तेमाल कर अपने बालों को अच्‍छी तरह से धो लें, आप रात भर भी अपने बालों में तेल लगाकर, फिर अगली सुबह अपने बालों को शैंपू कर सकते हैं। ऑलिव ऑयल में थोड़ा सा शहद मिलाकर भी आप अपने बालों में इस मिश्रण को लगा सकते हैं। इसके अलावा दूसरे घरेलू नुस्‍खों के बारे में जानने के लिए इस वीडियो को देखें।

जोड़ों के दर्द से हैं परेशान तो करें इनका सेवन

जोड़ों के दर्द से हैं परेशान तो करें इनका सेवन


उम्र बढऩे के साथ ही इंसान के शरीर में तरह तरह की कमजोरी आने लगती है । उनमें से एक है जोड़ों का दर्द अर्थात गठिया । सही खान-पान तथा स्वास्थ्य जीवनशैली की मदद से हम खुद को जोड़ों के दर्द से बचा सकते हैं:

लहसुन : भारत में सदियों से लहसुन का इस्तेमाल खाने में होता आया है । लहसुन का सेवन जोड़ों के दर्द के लिए होता है । अध्ययनों के मुताबिक लहसुन, प्याज और हरा प्याज जोड़ों के दर्द के लिए लाभकारी होते हैं ।
बादाम और बीज : विभिन्न प्रकार के मेवों में विटामिन ई होता है । विशेषकर बादाम में काफी मात्रा में विटामिन ई होता है । कई शोधों से पता चला है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड्स शरीर में सूजन और गठिया के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं । ओमेगा 3 फैटी एसिड्स त्वचा, बाल, दिल और जोड़ों के लिए अच्छे होते हैं । सूर्यमुखी के बीज, अखरोट, बादाम ओमेगा 3 फैटी एसिड्स का अच्छा स्रोत हैं ।
पपीता : इस पौष्टिक और रसीले फल में कई विटामिन होते हैं । इसमें काफी मात्रा में विटामिन सी होता है । विटामिन सी न सिर्फ हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता  के लिए बढिय़ा है बल्कि जोड़ों के स्वास्थ्य  के लिए भी अच्छा है। पपीते का सेवन हड्डियों के लिए बेहद लाभकारी है । इसमें सूजन रोकने वाले गुण  होते हैं जो गठिया के कई रूपों से शरीर को दूर रखते हैं ।
सेब : रोजाना एक सेब खाना काफी स्वास्थ्यवर्धक होता है । एक गिलास पानी में एप्पल साइडर विनेगर और शहद मिलाकर सेवन करने से जोड़ों के दर्द में राहत मिल सकती है ।
कम करें दर्द निवारक दवाएं :जोड़ों के दर्द में अक्सर लोग दर्द कम करने के लिए दवा का सेवन करते हैं । यदि  जरूरत है तो इसका सेवन किया जा सकता है लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है । यदि दर्द नहीं जाता तो अपने डॉक्टर से सलाह लें ।
कुछ खास कसरतें हैं जिनसे जोड़ों के दर्द को कम किया जा सकता है जैसे सैर करना और विभिन्न किस्म की हल्की कसरतें । ऐसी कसरतें किसी विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही की जानी चाहिएं ।

Sakaratmak Soch Kaise Banaye Positive Thinking

Sakaratmak Soch Kaise Banaye Positive Thinking


आप सब ने नकारात्मक और सकारात्मक सोच (Positive Thinking) के बारे मे केवल ढेर सरे लेख और पढ़े होंगे |
बल्कि जीवन के रिलेटेड छोटी छोटी और मोटी बुक्स भी पढ़ी होगी | जब आप इन्हें पड़ते है तो तुरंत रूप से आपको सारी बाते बोहुत सही और परभावशाली मालूम पड़ती है और यह सच है |लेकिन कुह ही टाइम बाद धीरे धीरे वो बाते दिमाग से निकल जाती है और हमारा सवभाव पहले की तरह ही हो जाता है |
Aap par nirbhar karte hain result 
Agar apne dhyan Sakaratmak Soch(Positive Thinking) par kendrit kar liya to apko kewal achche vichar aayenge. Yeh sthiti ate hi apke work par bhi iska Sakaratmak(Positive) asar pura shuru ho jayega. Ek baar apke man main Sakaratmak Soch aana shuru ho jaye tab aap apne aap main khud hi changes dekhenge aur ye changes apke sathiyon ko bhi najar ane lagega. Padhiye Meditation Kaise Karna chahiye.
Nakartamak soch se aise bache
Sakaratmak Soch(Positive Thinking) apne aapme success he, aur khud lekar aati hai. Insane multah Sakaratmak(Positive) hi rehta hai, is asafalta ka insaan par kai tarah se asar padta hai. Wo bhavnatmak roop se tutta hai, wahi in sabhi ka asar uske vyaktitav par bhi padta hai. Vyaktitav par asar lambe samay ke liye padta hai aur wo kai baar awsaad mai bhi chala jata hai.
Aisi sthiti se bahar aane main bhut lamba time bhi lag sakta hai. Nakaratmakta se aakhir kaise bache? Kyuki professional world main hame tarah-tarah ke logo se milna padta hai. Sath hi apne apko is competition ki generation main aage banaye rakhne ke liye bhi tarah-tarah ke jatan karna padta hain. Aise main hum apne apko Sakaratmak(Positive) banaye rakhne ke liye khud hi kosish kar sakte hain.

Sakaratmak Soch – Paristhitiyon ko pehchane
Aksar hamare man mai koi bhi important work ya koi business meeting ke pehle nakartmak vichar aate hai hain ki agar aisa hua toh? Agar meeting success nahi hui tab? Mera first impression galat pad gaya toh fir kya hoga? Is parkar ke question man main aate jarur hain. Inse picha chudane ke liye in baato ki practice kare ki akheer ye sawal kon si paristhitiyon main padte hain. Fir in problems se chutkara pane ki kosish kare, Sakaratmak Soch (Positive Thinking) banaye rakhe.
In paristhitiyon main sambhalna sikhe
Jeen paristhitiyu main nakaratmak vichar aate hain, unse sahi tareeke se samna karna sikhe. Is baat ki taraf dhyaan de ki in paristhtiyu ke duran aap pehle jaisi pratikriya nahi denge aur is duran control hokar khud ke success hone ki hi kamna khud se karege. Aap aisa karenge toh aap dekhenge ki jo nakaratmak vichar aa rahe hain wo dheere-dheere Sakaratmak Soch(Positive Thinking) mai badal jayege.
Sakaratmak Soch- Khud se tark karna sikhe
Nakaratmak ka jawab Sakaratmak Soch (Positive Thinking) ke alawa kuch bhi nahi ho sakta yeh baat man main bitha le. Iske baad jo bhi nakartmak vichar man main aye uske sath tark karna sikhe aur wo bhi Sakaratmak(Positive) ke sath. Jees parkar se nakaratmak vichar lagatar aate rehte hain, thik usi tarah se aap khud se Sakaratmak (Positive) vichar ke liye khud ko prerit kare aur apne koshis main success hasil kare.

Aapko ye article kaise laga niche comment me likhiye.

10 Golden Rules for success Business –>कारोबार सफल बनाने के 10 तरीके

क्या आप सोच सकते हैं कि अपने बचपन में दूध बेचने वाला , घर-घर अखबार फेंकने  वाला, और होटल में waiter का काम करने वाला अपने जीवन में क्या बन सकता है???……वो लाखों लोगों को नौकरी पर रख सकता है , किसी industry को पूरी तरह से बदल सकता है, वो दुनिया की सबसे बड़ी company बना सकता है…..और खुद बन सकता है America’s Richest Man . मैं बात कर रहा दुनिया की सबसे बड़ी Retail Company  Walmart की  स्थापना करने वाले Sam Walton की. सैम वाल्टन (1918-1992) को modern retail का जनक भी कहा जाता है, इन्ही का business model follow करते हुए आज Big Bazaar, More, Reliance Fresh जैसे stores भारत में भी खुल गए हैं.  वह 1982 से 1988 तक अमेरिका के सबसे अमीर व्यक्ति थे और आज की तारीख में भी वालमार्ट हमेशा Top 10 companies में रहती है और अरबों dollar का  व्यापार करती है.
तो भला आप ही सोचिये अगर इतनी बड़ी उपलब्धियों वाला  व्यक्ति आपको business करने के गुण बताये तो बात में दम तो होगा ही. और आज AKC पर मैं उन्ही के द्वारा बताये गए 10 Rules share कर रहा हूँ:

Rule 1: अपने  व्यवसाय  के  प्रति  समर्पित रहिये :

आपको  अपने  business में  किसी  भी  और  व्यक्ति  से  ज्यादा  यकीन  होना  चाहिए . यदि  इंसान  में  अपने  काम  के  प्रति  passion है  तो  वो  अपने  अन्दर  की  सारी  खामियों  से  पार  पा  लेगा . मुझे  नहीं  पता  कि  आदमी  passion के  साथ  पैदा  होता  है  या  वो  इसे  develop कर  सकता  है . पर   मैं  इतना  जानता  हूँ  कि आपको  इसकी  ज़रुरत  पड़ती  है .  यदि आप अपने काम से प्रेम करते हैं तो, तो आप हर रोज़ उसे best possible way में करना चाहेंगे ,और जल्द ही आपके साथ काम करने वाले भी किसी बुखार की तरह इसे आपसे catch कर लेंगे.

Rule 2: Profit को सभी काम करने   वालों  में  बाटिये  और  उन्हें  partner की  तरह  treat करिए :

बदले  में   employees भी  आपको as a  partner treat करेंगे  और  तब  आप  जितना  सोच  नहीं  सकते  उससे  भी  अच्छा  कर  पायेंगे . आप  चाहें   तो  company पर  अपना  control बनाये  रखिये  मगर  एक  सेवक  के  रूप  में  lead करिए . अपने  साथियों  को  company के  stocks खरीदने  के  लिए  encourage करिए  और  retirement के  समय  उन्हें  discounted stocks दीजिये .शायद  हमने  आज  तक  जो  कुछ  भी  किया  उनमे  से  ये  सबसे  महत्त्वपूर्ण  चीज  थी .

Rule 3: Motivate your partners. अपने  partners को  motivate कीजिये :

सिर्फ  पैसा  और  ownership काफी  नहीं  है .हर  रोज़  नए  innovative तरीकों  से  अपने  partners को motivate और  challenge कीजिये . बड़े  लक्ष्य  निर्धारित  करिए  , competition को  बढ़ावा  दीजिये  …अगर  माहौल  फीका  पड़  रहा  हो  तो  एक  manager की  जॉब  दूसरे  से  switch कीजिये  और  उन्हें  बेहतर  करने  के  लिए  उत्साहित  कीजिये . अपने  आपको  बहुत  predictable मत  बनाइये , लोगों  को  guess करने  दीजिये  की  आपकी  अगली  trick क्या  होगी .

Rule 4: अपने  partners को  हर  संभव  चीज  communicate कीजिये :

ऐसा  करने  से  वो  business को  बेहतर  समझ  पायेंगे  , और  जितना  अधिक  वो  समझेंगे  उतनी  ज्यादा  care करेंगे . और  जब  वो  care करने  लगेंगे  तब  उन्हें  कोई  रोक  नहीं  सकता . यदि  आप  अपने  associates से  बातें  छुपायेंगे  तो  वो  देर -सबेर  समझ  जायेंगे  कि  आप  उनको  partner नहीं  consider करते  हैं . सूचना  शक्ति  है  , अपने  asoocites को  empower करके  आपको  जो  फायदा  होता  है  वो  competitor को  बात  का  पता  चलने  से  होने  वाले  नुकसान  से  कहीं  अधिक  है .

Rule 5: Associates business के  लिए  जो  करते  हैं  उसकी  प्रशंशा  कीजिये :

Salary और  share देने  से  आपको  एक  तरह  की  loyalty मिलेगी . लेकिन  हर  कोई  अपने  काम  की  प्रशंशा  सुनना  चाहता  है . हम  अक्सर  अपनी  प्रशंशा सुनना  चाहते  हैं , और  खासतौर  पर  तब  जब  हम  अपने  किसी  काम  पर  proud feel कर  रहे  हों . सही  समय  पर  , सही  शब्दों  द्वारा  की  गयी  सच्ची  प्रशंशा  का  कोई  विकल्प  नहीं  है . ये  बिलकुल  फ्री  होते  हुए  भी  एक  खजाने  के  बराबर  होती  है .

Rule 6: Celebrate your success. अपनी  सफलता को  celebrate करिए :

यदि  आप  असफल  हों  तो  उसमे  कुछ  humour खोजिये . अपने  आप  को  बहुत  seriously मत  लीजिये . जब  आप  tension free होंगे  तो  आपके  साथ  के  लोग  भी  हल्का  महसूस  करेंगे .उत्साह  दिखाइए – हमेशा . जब  सब  fail  हो  जाए  तो  रंग  बिरंगे  कपडे  पहन   कर  कोई  silly गाना  गिये . और  फिर  सभी  को  अपने  साथ  गाने  को  कहिये . अपनी  कामयाबी  का  जश्न  मानाने  के  लिए  Wall Street पर  मत  नाचिये . ये  किया  जा  चुका  है . कुछ  नया  सोचिये , ये  सब  जितना  हम  सोचते  हैं  उससे  कहीं  अधिक  ज़रूरी  है  और  मस्ती  से  भरा  हुआ  भी , और  इससे  competitor भी  मूर्ख  बन  जाते  हैं .

Rule 7: अपनी  कंपनी  में  हर  किसी  को  सुनिए  और  ऐसा  उपाय  निकालिए  कि  वो  आपस  में  बात  करें :जो  सामने  बैठते  हैं —वो  जो  customer  से  बात  करते  हैं —सिर्फ  वही  जानते  हैं  कि  वहां  क्या  चल  रहा  है . इसलिए  ये  जानने  की  कोशिश  कीजिये   कि  वो  क्या  जानते  हैं .Total Quality  बस  यही  है . अपनी  संस्था  में  नीचे  तक  responsibility push करने  के  लिए  और  नयी  ideas को  सामने  लेन  के  लिए  ज़रूरी  है  कि  आप  यह  जानने  की  कोशिश  करें  कि  आपके  associate क्या  कहना  चाहते  हैं .

Rule 8: अपने  customers को  उम्मीद  से  ज्यादा  दीजिये :

यदि  आप  ऐसा  करेंगे  तो  वो  बार – बार  वापस  आयेंगे . उन्हें  वो  दीजिये  जो  वो  चाहते  हैं —और  फिर उससे  थोडा  ज्यादा . उन्हें  पता  चलना  चाहिए  की  आप  उनको  appreciate करते  हैं . अपनी  सभी  गलतियों  को  स्वीकारिये  और excuse मत दीजिये  —माफ़ी  मांगिये .आप  जो  कुछ  भी  करते  हैं  उसके  पीछे  खड़े  रहिये . आज  तक  दो  सबसे  ज़रूरी  शब्द  जो  मैंने  पहले  Wal-Mart sign के  नीचे  लिखे  थे : “Satisfaction Guaranteed” . वो  आज  भी  ऐसे  ही  लिखे  हुए  हैं  और  उनकी  वजह  से  इतना  सब  कुछ  हो  पाया .

Rule 9: अपने  खर्चों  को  competition से  बेहतर  ढंग  से  control कीजिये :

यहीं   पर  आप  competitive advantage पा  सकते  हैं . लगातार  25 सालों  से  – Wal-Mart के  देश  के  सबसे  बड़े  retailer बनने  से  पहले — हम  इस  industry  में  lowest Expense to Sales ratio में  No.1 रहे  हैं , आप  बहुत  सारी  गलतियाँ  कर  के  भी  दुबारा  उबर  सकते  हैं  यदि  आपके  operations efficient हों . या  आप  बहुत  brilliant होते  हुए  भी  business से  बाहर  हो  सकते  हैं  अगर  आप  बहुत  inefficient हों .

Rule 10: धारा  के  विपरीत  तैरिये :

दूसरी   तरफ  जाइये . Conventional Wisdom को छोड़िये . अगर  हर  कोई  काम  को  एक ही  तरह  से  कर  रहा  है  तो बहुत  ज्यादा  chance है  कि  आप  ठीक  उलटी  दिशा  में  जाकर  अपना  niche  पा  सकते  हैं .पर  इस  बात  के  लिए  तैयार  रहिये  कि  आपको  बहुत  सारे  लोग  ये  इशारा  करेंगे की  आप  गलत  दिशा  में  जा  रहे  हैं . मुझे  लगता  है  कि  मैंने  इन  तमाम  सालों  में  किसी  और  बात  से अधिक ये  सुना  है  कि : 50,000 से  कम  आबादी  वाला  town एक  discount store को  ज्यदा  समय  तक  support नहीं  कर  सकता

अपनी विफलताओं से सीखो | Failure is The Best Teacher

अपनी विफलताओं से सीखो | Failure is The Best Teacher

थॉमस अल्वा एडिसन, ये नाम है उस छोटे से बच्चे का जिसे लोग मूर्ख समझा करते थे | बचपन में अपनी कई शरारतों की वजह से इसको स्कूल से भी निकाल दिया गया |


एडिसन का एक famous किस्सा तो सभी जानते ही होंगे जब एक बार क्लास में टीचर पढ़ा रही थी कि पक्षी आसमान में उड़ते हैं क्यूंकी उनके पंख होते हैं | एडिसन ने कुछ सोचकर टीचर से पूछा की पतंग के तो कोई पंख नहीं होते फिर भी वो कैसे उड़ती है| टीचर को बच्चे का ये सवाल मूर्खतापूर्ण लगा और उसे डाँट दिया |

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लेकिन घर आकर उसने देखा की एक चिड़िया कीड़े खा रही थी उसने सोचा की ये कीड़े खाती है इसीलिए आसमान में उड़ती है तो फिर क्या था उसने काफ़ी सारे कीड़े इकट्ठे किए और अपनी नौकरानी की बेटी को खिला दिए जिससे वो बेचारी मार गयी| इस घटना के बाद एडिसन को स्कूल से भी निकल दिया गया |


लेकिन बच्चे की जिग्यासा अभी ख़त्म नहीं हुई थी | उसने घर पर ही रहकर मेहनत की और एक दिन वो कर डाला जिसकी दुनिया में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी | एडिसन ने अपनी पूरी लाइफ काफ़ी आविष्कार किए जिनमें बल्व का आविष्कार सबसे famous था |
जिस बच्चे को लोग मूर्ख कहा करते थे उसने अपनी मेहनत से पूरी दुनियाँ को रोशन कर दिया |


तो मित्रों कहानी बहुत पुरानी है लेकिन इसके पीछे बहुत ग़ूढ शिक्षा छिपी हुई है लाइफ में काफ़ी सारी प्राब्लम आती हैं अपनी विफलताओं से हमें कभी घबराना नहीं चाहिए | अपनी लाइफ का एक मकसद चुनो और उसमें इतना डूब जाओ की तुम्हें दुनियाँ की कोई खबर ना रहे | फिर देखो एक दिन आपका भी नाम एडिसन जैसे लोगों के साथ ही लिया जाएगा

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संस्कार का महत्व Importance of Good Manners

संस्कार का महत्व Importance of Good Manners

टीचर क्लास में बच्चों को पढ़ा रहे थे कि अच्छे संस्कार और शिष्टाचार का जीवन में क्या महत्व है? उदाहरण के लिए उन्होंने एक शीशे का जार लिया और उसमे कुछ गेंद डालने लगे, धीरे धीरे जार पूरा भर गया| उसके बाद उन्होनें कुछ कंकड़ मंगाए और उन्हें भी जार में डालना शुरू कर दिया| जार में जहाँ थोड़ी जगह बाकी थी वहाँ सब कंकड़ भी भर गये|


इसके बाद उन्होनें जार में रेत डालना शुरू किया, तो रेत भी जार में समाने लगी अब धीरे धीरे जार पूरा भर गया| फिर अध्यापक ने पानी मँगाया और जार में पानी डालने लगे देखा कि पानी भी जार में रेत और कंकड़ों के बीच समाने लगा|
बच्चे ये सब बहुत ध्यान से देख रहे थे लेकिन उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था तब टीचर ने समझाया कि इंसान भी इसी जार की तरह है इसमे काफ़ी चीज़ें आ सकती हैं अब ये तुम पे निर्भर है कि तुम क्या लेना चाहते हो?
सोचो अगर जार में सबसे पहले रेत डाल दी जाती तो क्या गेंद उसमें कभी समा पातीं? कभी नहीं| उसी तरह बच्चों को सबसे पहले शिष्टाचार और संस्कार सीखना चाहिए, बाकी दुनियाँ के काम के लिए तो पूरा जीवन पड़ा हुआ है|
अक्सर हम देखते हैं की लोग सीधे बस अच्छी नौकरी या पैसे की बात करते हैं लेकिन माता पिता को चाहिए की सबसे पहले गेंद रूपी ज्ञान बच्चों को दें| उसके बाद धीरे धीरे क्रमानुसार जीवन का तरीका सिखाएं क्यूंकी अगर बच्चों के दिमाग़ में शुरू से ही अवसाद रूपी रेत ने घर कर लिया तो फिर सारा जीवन अच्छे विचारों के लिए जगह नहीं बचेगी|

Dhanyavad

पतंग Short Inspirational Family Relationship Stories in Hindi

पतंग Short Inspirational Family Relationship Stories in Hindi

जीवन में कुछ बातें ऐसी होती हैं जो हमें करने या सुनने में बहुत अच्छी नहीं लगतीं लेकिन हमारे आगे बढ़ने में इन बातों का बहुत योगदान होता है जैसे – जब एक पिता अपने बेटे को डाँटता है या टीचर स्कूल में पिटाई करता है या माँ हर बात पूछती है और टोकती है ।
बच्चों को बहुत बुरा लगता है लेकिन कहीं ना कहीं ये सभी चीज़ें इंसान की प्रगति की जिम्मेदार होती हैं , आइये एक उदाहरण से समझते 
हैं –



एक शाम एक पिता अपने आठ साल के बच्चे को पतंग उड़ाना सीखा रहा था । धीरे धीरे पतंग काफी ऊँची उड़ने लगी बच्चा ये सब बहुत गौर से देख रहा था काफी मजा आ रहा था उसे ।
कुछ देर ऐसे ही देखते हुए बच्चा अचानक जोर से बोला – पिताजी ये पतंग ज्यादा ऊपर नहीं जा पा रही है आप ये धागे की डोर तोड़ दो तो ये पतंग बहुत ऊंंची चली जाएगी ।

पिता ने हँसते हुए पतंग की डोर तोड़ दी , पर ये क्या ? अगले ही पल पतंग ऊपर जाने की बजाये नीचे जमीन पर आ गिरी । बच्चा बहुत हैरानी से देख रहा था , पिता ने समझाया कि बेटा यही जीवन का सार है जिंदगी में हम जिस ऊंचाई पर हैं हमें ऐसा लगता है कि कुछ चीज़ें हमें और ऊपर जाने से रोक रहीं हैं जैसे हमारा घर ,परिवार, दोस्त , रिश्तेदार ,माता -पिता , और हम पतंग की डोर तरह इन सब चीज़ों से आजाद होना चाहते हैं लेकिन कहीं ना कहीं यही सब चीज़ें हमारी प्रगति की जिम्मेदार होती हैं । अगर तुम इन सबसे दूर भागोगे तो पतंग के जैसा ही हश्र होगा|

अपनों की कीमत – Gyan Sagar in Hindi

अपनों की कीमत – Gyan Sagar in Hindi

GYAN SAGAR IN HINDI

“एक बार जरुर पढे” कहानी –
पढ़ाई पूरी करने के बाद एक छात्र किसी बड़ी कंपनी में नौकरी पाने की चाह में इंटरव्यू देने के लिए पहुंचा….
छात्र ने बड़ी आसानी से पहला इंटरव्यू पास कर लिया…
अब फाइनल इंटरव्यू कंपनी के डायरेक्टर को लेना था…
और डायरेक्टर को ही तय करना था कि उस छात्र को नौकरी पर रखा जाए या नहीं…
डायरेक्टर ने छात्र का सीवी (curricular vitae) देखा और पाया कि पढ़ाई के साथ- साथ यह छात्र ईसी (extra curricular activities) में भी हमेशा अव्वल रहा…
डायरेक्टर- “क्या तुम्हें पढ़ाई के दौरान कभी छात्रवृत्ति (scholarship) मिली…?”
छात्र- “जी नहीं…”
डायरेक्टर- “इसका मतलब स्कूल-कॉलेज की फीस तुम्हारे पिता अदा करते थे..”
छात्र- “जी हाँ , श्रीमान ।”
डायरेक्टर- “तुम्हारे पिताजी क्या काम करते है?”
छात्र- “जी वो लोगों के कपड़े धोते हैं…”
यह सुनकर कंपनी के डायरेक्टर ने कहा- “ज़रा अपने हाथ तो दिखाना…”
छात्र के हाथ रेशम की तरह मुलायम और नाज़ुक थे…
डायरेक्टर- “क्या तुमने कभी कपड़े धोने में अपने पिताजी की मदद की…?”
छात्र- “जी नहीं, मेरे पिता हमेशा यही चाहते थे कि मैं पढ़ाई करूं और ज़्यादा से ज़्यादा किताबें पढ़ूं…
हां , एक बात और, मेरे पिता बड़ी तेजी से कपड़े धोते हैं…”
डायरेक्टर- “क्या मैं तुम्हें एक काम कह सकता हूं…?”
छात्र- “जी, आदेश कीजिए…”
डायरेक्टर- “आज घर वापस जाने के बाद अपने पिताजी के हाथ धोना…फिर कल सुबह मुझसे आकर मिलना…”
छात्र यह सुनकर प्रसन्न हो गया… उसे लगा कि अब नौकरी मिलना तो पक्का है,
तभी तो डायरेक्टर ने कल फिर बुलाया है…
छात्र ने घर आकर खुशी-खुशी अपने पिता को ये सारी बातें बताईं और अपने हाथ दिखाने को कहा…
पिता को थोड़ी हैरानी हुई…लेकिन फिर भी उसने बेटे की इच्छा का मान करते हुए अपने दोनों हाथ उसके हाथों में दे दिए…
छात्र ने पिता के हाथों को धीरे-धीरे धोना शुरू किया। कुछ देर में ही हाथ धोने के साथ ही उसकी आंखों से आंसू भी झर-झर बहने लगे…
पिता के हाथ रेगमाल (emery paper) की तरह सख्त और जगह-जगह से कटे हुए थे…
यहां तक कि जब भी वह कटे के निशानों पर पानी डालता, चुभन का अहसास पिता के चेहरे पर साफ़ झलक जाता था…।
छात्र को ज़िंदगी में पहली बार एहसास हुआ कि ये वही हाथ हैं जो रोज़ लोगों के कपड़े धो-धोकर उसके लिए अच्छे खाने, कपड़ों और स्कूल की फीस का इंतज़ाम करते थे…
पिता के हाथ का हर छाला सबूत था उसके एकेडैमिक कैरियर की एक-एक कामयाबी का…
पिता के हाथ धोने के बाद छात्र को पता ही नहीं चला कि उसने उस दिन के बचे हुए सारे कपड़े भी एक-एक कर धो डाले…
उसके पिता रोकते ही रह गए , लेकिन छात्र अपनी धुन में कपड़े धोता चला गया…
उस रात बाप- बेटे ने काफ़ी देर तक बातें कीं …
अगली सुबह छात्र फिर नौकरी के लिए कंपनी के डायरेक्टर के ऑफिस में था…
डायरेक्टर का सामना करते हुए छात्र की आंखें गीली थीं…
डायरेक्टर- “हूं , तो फिर कैसा रहा कल घर पर ? क्या तुम अपना अनुभव मेरे साथ शेयर करना पसंद करोगे….?”
छात्र- ” जी हाँ , श्रीमान कल मैंने जिंदगी का एक वास्तविक अनुभव सीखा…
नंबर एक… मैंने सीखा कि सराहना क्या होती है…मेरे पिता न होते तो मैं पढ़ाई में इतनी आगे नहीं आ सकता था…
नंबर दो… पिता की मदद करने से मुझे पता चला कि किसी काम को करना कितना सख्त और मुश्किल होता है…
नंबर तीन.. . मैंने रिश्तों की अहमियत पहली बार इतनी शिद्दत के साथ महसूस की…”
डायरेक्टर- “यही सब है जो मैं अपने मैनेजर में देखना चाहता हूं…
मैं यह नौकरी केवल उसे देना चाहता हूं जो दूसरों की मदद की कद्र करे, ऐसा व्यक्ति जो काम किए जाने के दौरान दूसरों की तकलीफ भी महसूस करे…
ऐसा शख्स जिसने सिर्फ पैसे को ही जीवन का ध्येय न बना रखा हो…
मुबारक हो, तुम इस नौकरी के पूरे हक़दार हो…”
आप अपने बच्चों को बड़ा मकान दें, बढ़िया खाना दें, बड़ा टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर सब कुछ दें…
लेकिन साथ ही अपने बच्चों को यह अनुभव भी हासिल करने दें कि उन्हें पता चले कि घास काटते हुए कैसा लगता है ?
उन्हें भी अपने हाथों से ये काम करने दें…
खाने के बाद कभी बर्तनों को धोने का अनुभव भी अपने साथ घर के सब बच्चों को मिलकर करने दें…
ऐसा इसलिए नहीं कि आप मेड पर पैसा खर्च नहीं कर सकते, बल्कि इसलिए कि आप अपने बच्चों से सही प्यार करते हैं…
आप उन्हें समझाते हैं कि पिता कितने भी अमीर क्यों न हो, एक दिन उनके बाल सफेद होने ही हैं…
सबसे अहम हैं आप के बच्चे किसी काम को करने की कोशिश की कद्र करना सीखें…
एक दूसरे का हाथ बंटाते हुए काम करने का जज्ब़ा अपने अंदर लाएं…
यही है सबसे बड़ी सीख…………..
धन्यवाद!!!!!

कैसे बनें अमीर, How to Become Rich in Hindi

कैसे बनें अमीर, How to Become Rich in Hindi

कहा जाता है कि हुनर ,लगन और मेहनत; ये तीन ऐसी चीज़े हैं जो रंक को राजा, माटी को सोना और कोयले को हीरा बना सकती हैं। हमारे सामने कई ऐसी सच्ची घटनाएँ सुनने में आती हैं जिनमें एक छोटा सा इंसान बहुत बड़ा काम कर जाता है । ऐसी ही एक सच्ची घटना मैं यहाँ लिख रहा हूँ, उम्मीद है कि आप लोग जरूर प्रेरित होंगे ।



शैरी सचमेल्ज़र अमेरिका के एक छोटे से शहर कोलो में रहती हैं। शैरी 2005 में एक साधारण सी हॉउसवाइफ़ थीं और कभी सोचा भी ना था एक दिन वो शहर की सबसे अमीर लोगों में गिनी जाएँगी। उन दिनों गर्मियों के दिन थे और शैरी जब जूते पहन कर बाहर जाती थी तो जूते पसीने से भीग जाते थे और उन्हें बहुत बुरा लगता था । एक दिन घर में खाली बैठे उन्हें अचानक से एक आइडिया आया और उन्होंने पूरे घर के जूते इक्कठ्ठे किए और सोचा कि क्यों ना इनके थोड़ी हवा पास के लिए छेद कर दिए जाएं जिससे कुछ नया फैशन भी लगेगा और पैरों को भी आराम मिलेगा । यही सोचकर शैरी ने कुछ जूतों में ऊपर से कुछ छेद कर दिए जो बहुत आरामदायक थे और कला में शैरी निपुण थी ही सो उसने कुछ इस तरह का लुक जूतों को दिया कि वो देखने में बुरे भी ना लगें और पैरों को भी आराम मिले।
शाम को जब पति घर पे लौटे तो शैरी ने अपनी कला उन्हें दिखाई । देखते ही उनके पति की आँखे चमक उठी क्यूंकि वो एक लाजवाब कला थी और अचानक दिमाग में आइडिया आया कि क्यों ना इसी तरह के जूते और चप्पलों का बिज़निस किया जाये । बस उसी दिन एक मिलिनेयर बिज़निस की पत्थर की पहली नींव रखी गयी ।
धीरे धीरे वो ऐसे जूते मार्किट में लेजाकर बेचने लगे और अच्छी इनकम होने लगी लोग उनके प्रोडक्ट खूब पसंद कर रहे थे । गर्मियों के अंत तक उन्होंने एक वेबसाइट लांच कर दी जहाँ से वो ऑनलाइन जूते सप्लाई करने लगे और धीरे धीरे अपना खुद की एक छोटी सी कंपनी खोल दी जहाँ काफी सारे मजदूर काम किया करते थे और शैरी और उनके पति मार्केटिंग किया करते थे। शैरी को खुद इसकी उम्मीद नहीं थी कि उनकी कंपनी एक साल एक अंदर $10 मिलियन (करीब 65 करोड़) का प्रॉफिट कमा लेगी और उन्हें बना देगी – “शहर का सबसे अमीर इंसान”। और आज भी मार्किट में उनके जूतों की अच्छी सेल है क्यूंकि ये ना सिर्फ फैशनेबल हैं बल्कि काफी आरामदायक भी हैं ।
मित्रों , कई बार जीवन में जरुरी नहीं कि पैसा कमाने और आगे बढ़ने के लिए सिर्फ बड़ी डिग्रियों की जरुरत है। कुछ लोग कूड़े से ही बड़ी बड़ी मशीन बना देते हैं , जेम्स वाट ने केतली की भाप को देख कर रेल का इंजन बनाया जबकि वो बेचारा बिना पढ़ा लिखा था ।
इसीलिए कहते हैं कि अपने हुनर का इस्तेमाल करो तो माटी भी सोना बन जाती है|

सब्र का फल, Inspirational Hindi Story of Buddha

सब्र का फल, Inspirational Hindi Story of Buddha

बात उस समय की है जब महात्मा बुद्ध विश्व भर में भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार कर रहे थे और लोगों को ज्ञान दे रहे थे|
एक बार महात्मा बुद्ध अपने कुछ शिष्यों के साथ एक गाँव में भ्रमण कर रहे थे| उन दिनों कोई वाहन नहीं हुआ करते थे सो लोग पैदल ही मीलों की यात्रा करते थे| ऐसे ही गाँव में घूमते हुए काफ़ी देर हो गयी थी| बुद्ध जी को काफ़ी प्यास लगी थी| उन्होनें अपने एक शिष्य को गाँव से पानी लाने की आज्ञा दी| जब वह शिष्य गाँव में अंदर गया तो उसने देखा वहाँ एक नदी थी जहाँ बहुत सारे लोग कपड़े धो रहे थे कुछ लोग नहा रहे थे तो नदी का पानी काफ़ी गंदा सा दिख रहा था|



शिष्य को लगा की गुरु जी के लिए ऐसा गंदा पानी ले जाना ठीक नहीं होगा, ये सोचकर वह वापस आ गया| महात्मा बुद्ध को बहुत प्यास लगी थी इसीलिए उन्होनें फिर से दूसरे शिष्य को पानी लाने भेजा| कुछ देर बाद वह शिष्य लौटा और पानी ले आया| महात्मा बुद्ध ने शिष्य से पूछा की नदी का पानी तो गंदा था फिर तुम साफ पानी कैसे ले आए| शिष्य बोला की प्रभु वहाँ नदी का पानी वास्तव में गंदा था लेकिन लोगों के जाने के बाद मैने कुछ देर इंतजार किया| और कुछ देर बाद मिट्टी नीचे बैठ गयी और साफ पानी उपर आ गया|
बुद्ध यह सुनकर बड़े प्रसन्न हुए और बाकी शिष्यों को भी सीख दी कि हमारा ये जो जीवन है यह पानी की तरह है| जब तक हमारे कर्म अच्छे हैं तब तक सब कुछ शुद्ध है, लेकिन जीवन में कई बार दुख और समस्या भी आते हैं जिससे जीवन रूपी पानी गंदा लगने लगता है| कुछ लोग पहले वाले शिष्य की तरह बुराई को देख कर घबरा जाते हैं और मुसीबत देखकर वापस लौट जाते हैं, वह जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ पाते वहीं दूसरी ओर कुछ लोग जो धैर्यशील होते हैं वो व्याकुल नहीं होते और कुछ समय बाद गंदगी रूपी समस्याएँ और दुख खुद ही ख़त्म हो जाते हैं|
तो मित्रों, इस कहानी की सीख यही है कि समस्या और बुराई केवल कुछ समय के लिए जीवन रूपी पानी को गंदा कर सकती है| लेकिन अगर आप धैर्य से काम लेंगे तो बुराई खुद ही कुछ समय बाद आपका साथ छोड़ देगी|
Dhanyavad

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Tuesday, 21 June 2016

दिमाग और याद्दाश्त मजबूत करने में बहुत असरदार हैं योगासन ?

दिमाग और याद्दाश्त मजबूत करने में बहुत असरदार हैं योगासन

--याददाश्त कैसे बढ़ाएं?
--किन योगों से याददाश्त बढ़ती है?
-- योग याददाश्त बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नित्य कर्म से दिन भर के काम करने के बाद मनुष्य को दिनभर की थकान और तनाव के बाद कई बार हम छोटी छोटी चीजें भूल जाते हैं। लेकिन दिन में सिर्फ 10 मिनट योगा करने से इस परेशानी को भी दूर कर सकते हैं और अपनी याद्दाश्त मजबूत कर सकते हैं।



-- सर्वांगसन -- कंधों के बल अपने शरीर को ऊपर की तरफ उठाने की यह मुद्रा दिमाग तक खून के बहाव को बढ़ाती है। यह योग आपको भावात्मक रूप से भी मजबूत बनाता है।

--भुजंगासन -- यानि पेट के बल सिधाई में लेट कर धीरे धीरे अपने हाथों के बल ऊपर को उठना और सिर को उठाना जैसे कोबरा बैठा हो। यह मुद्रा न सिर्फ आपको आराम दिलाती है बल्कि दिमाग से जुड़ी नसों को भी संतुलित और प्रेरित करती है।

--सुखासन --रीढ़ की हड्डी सीधी कर के पालथी मार के बैठना और ध्यान करना। यह योग सबसे आसान है लेकिन आपके शरीर और दिमाग में उर्जा भरने के लिए काफी है। यह आपकी एकाग्रशक्ति बढ़ाता है।

--पश्चिमोत्तासन -- पैर और हाथ सीधे आगे की तरफ फैला कर खुद को सामने की ओर ऐसे झुकाएं कि माथा पैरों को छुए, । यह मुद्रा तनाव दूर करती है।

--हलासन --यह योग करने से दिमाग तेज चलता है क्योंकि खून का बहाव बढ़ जाता है। इससे थायरॉएड और पैराथायरॉएड ग्लांड की मालिश भी हो जाती है और पूरा शरीर कसा और मजबूत बनता है।

--हस्तपदोतासन -- सीधे खड़े हो कर अपने शरीर को पैरों की तरफ झुकाने और हाथों से जमीन छूनें की यह मुद्रा याद्दाश्त और दिमाग की शक्ति बढ़ाती है। साथ ही ऐसा करने से चेहरे में खून का बहाव बढ़ता और आप जवां दिखते हैं !
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धन्यवाद!

जानिए पाचनतंत्र को मजबूत बनाने वाले योगासन ?

पाचनतंत्र को मजबूत बनाने वाले योगासन

- पाचनतंत्र को मजबूत कैसे बनाएं?
-पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाने के लिए योग?
- योग क्यों है! जरूरी पाचन तंत्र के लिए?

यदि पाचनतंत्र मजबूत हो तो शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहता है। जिससे मनुष्य स्वस्थ रहता है। पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के कुछ योगासन हैं। जिन्हें प्रतिदिन करने से पाचनतंत्र दुरुस्त बनता है और शरीर भी स्वस्थ और मजबूत होता है।

-पाचनतंत्र के लिए योग ?


इस बात में कोई शक नहीं कि पाचनतंत्र पर ही पूरे शरीर का स्वास्थ्य निर्भर होता है। इसलिए इसका ठीक रहना बेहद जरूरी होता है। पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के कुछ योगासन हैं। जिन्हें हर दिन नियमित रूप से करने पर पाचनतंत्र दुरुस्त बन जाता है। और कमाल की बात तो ये कि इसके लिए आपको प्रत्येक आसन के लिए मुश्किल से केवल 5-6मिनट का समय निकालना होता है। लेकिन इन्हें गर्भावस्था में नहीं करना चाहिए।

1. प्लाविनी प्राणायाम -- प्लाविनी प्राणायाम करने के लिए पहले पेट को गुब्बारे की तरह फुलाकर सांस को भर लें। अब कंठ को ठोढ़ी सीने से लगाकर बंद करें व मूलबंध लगाकर कुछ देर तक इसी स्थिति में रोककर रखें। फिर कुछ क्षण रोकने के बाद धीरे से सांस छोडते हुए वापस पुरानी स्थिति में आ जाएं। इसे करने से बड़ी आंत और मलद्वार की क्रियाशीलता बढ़ाती है। और पाचनचंत्र भी मजबूत होता है।

2. अग्निसार क्रिया -- श्वास को छोड़ते हुए उसे रोक लें। अब आराम से जितनी देर सांस रोक सकें, रोके हुए पेट को नाभि पर से बार-बार झटके से अंदर खींचें और ढीला छोड़ें। ध्यान मणिपुर चक्र अर्थात नाभि के पीछे रीढ़ में होना चाहिए। थोड़ी देर इसे करें और फिर रुक जाएं। यह क्रिया करने से पाचन ‍प्रक्रिया मजबूत बनाती है।

3. भुजंगासन -- यह आसन पेट की मसल्स के लिए काफी फायदेमंद है। भुजंगासन को करने के लिए पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब दोनों हाथों से कमर से ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं, (ध्यान रहे कि आपकी कोहनी इस दोरान मुड़़ी होनी चाहिए)। हथेलियां खुलीं और जमीन पर फैली रखें। अब शरीर के बाकी हिस्से को धीरे-धीरे चेहरे के ऊपर की ओर लाएं। कुछ समय के लिए इस स्थिति में रहें और भी वापस से समान्य हो जाएं।

4. बलासन -- बलासन को करने के लिए घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं, ऐसे कि आपके शरीर का सारा वजन एड़ियों पर हो। अब गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। हां, ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से न छुए। अह सिर से फर्श को छूने का प्रयास करें। कुछ सेकंड तक इस अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में लौट आएं।

5. पश्चिमोत्तानासन -- पश्चिमोत्तानासन करने के लिए सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैला लें। अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं (कमर को बिल्कुल सीधा रखें)। अब झुककर दोनों हाथों से पैरों के दोनों अंगूठे पकड़ने का प्रयास करें। इस दौरान आपने घुटनों को मुड़ें नहीं और न ही आपके पैर जमीन से उठाएं। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य हो जाएं।

6. त्रिकोणासन -- त्रिकोणासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच लगभग एक मीटर का फांसला रखें। सांस को भरें और दोनों बाजुओं को कंधे की सीध में लाते हुए कमर को आगे झुकाएं। सांस छोड़ें और दाएं हाथ से बाएं पैर को स्पर्श करें। बाईं हथेली को आसमाल की ओर रखें और बाजू सीधी ही रखें। दूसरे हाथ से भी यही करें। दो-तीन सेकंड रुकें और वापस प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।

7. सर्वांगासन -- सर्वांगासन करने के लिए सपाट जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को शरीर के साथ सटा लें। अब दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर का और उठाएं। इसके बाद पूरे शरीर को गर्दन से समकोण बनाते हुए सीधा लगा लें और ठोड़ी को सीने से छुएं। इस स्थिति में कुछ क्षण रहें और फिर वापस सामान्य हो जाएं। इसे करने से पाचन शक्ति बढ़ती है।

8. नौकासन -- नौकासन करने से पाचन तंत्र स्वस्थ होता है और हर्निया की समस्या में राहत मिलती है। इसे करने के लिए किसी समतल स्थान पर पीठ के बल लेट जाएं। और फिर दोनों हाथों, पैरों और सिर को ऊपर की ओर उठाएं। इसी अवस्था को नौकासन कहते हैं। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के फिर धीरे-धीरे हाथ, पैर और सिर को जमीन पर ले आएं।

आप इन योगों को अपनाकर पाचन तंत्र को मजबूत बना सकते हैं। आज से ही अपनाइए योग अपने पाचन तंत्र को रखिए मजबूत!
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