Wednesday, 7 October 2020

अचलता अपनाओ सफलता पाओ

 अचलता अपनाओ सफलता पाओ


कुछ भी हो जाये लेकिन, आंसू नहीं बहाना

दुखी को ही दुखी करता, बेदर्दी ये जमाना


आये जो कोई गम तो, हंसी में उसे उड़ा दे

सारे जहाँ में तूँ गम को, एक मजाक बना दे


गम की ये औकात नहीं, जो तुझको रुलाये

तेरे मुस्कुराते हुए चेहरे को, उदास कर जाए


ईश्वर है तेरा साथी, जरा उसको पहचान ले

सदा निभाता साथ तेरा, बात जरा ये मान ले


हर मुश्किल का तूँ, हिम्मत से मुकाबला कर

मन से भय समाप्त कर, बन जा पूरा निडर


कोई नहीं तेरे जैसा, इस दुनिया में बलवान

अपनी ताकत को तूँ, जरा गौर से पहचान


मिटा डाल अपने मन से, कमजोरियाँ सारी

हिम्मत रखेगा तो, जीत लेगा ये दुनिया सारी


अपने इरादों में जगा, अंगद समान अचलता

तभी मिलेगी तुझको, तेरे लक्ष्य में सफलता


चलता जा पथ पर, खुद को मजबूत बनाकर

झुक जाएगी सफलता, तेरे कदमों में आकर

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